क्या ओमीक्रोन अधिक घातक है
संसार में तेजी से फैलने वाला कोरोना का ओमिक्रोन वेरिएंट फेफड़ों को अधिक प्रभावित नहीं कर रहा है, जिस कारण से यह कम नुकसान देह है। हाल ही में हुए शोध से मीडिया को यह जानकारी मिली है। मीडिया की रिपोर्ट में बताया गया कि चूहों और अन्य छोटे जीवों पर किए गए शोध से पता चला कि ओमीक्रोन वेरिएंट फेफड़ों को कम क्षति पहुंचाता है। इसका अधिकांश प्रभाव नाक, गले तथा श्वास नली तक ही रहता है।
ओमिक्रोन वेरिएंट अधिक नुकसानदेह नहीं है
इससे पूर्व वाले कोरोना वेरिएंट वायरस फेफड़ों में जख्म देते थे और सांस लेने की प्रकिया को पूर्ण रूप से प्रभावित करते थे। इससे फेफड़ों की सिकुड़ने और फैलने की शक्ति नष्ट हो जाती थी। मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कहना अधिक उपयुक्त होगा कि ओमिक्रोन वेरिएंट से ऊपरी श्वसन प्रणाली में इंफेक्शन हो रहा है और पूर्व के वेरिएंट के मुकाबले में यह कम क्षतिकारक है। जीव वेज्ञानिक रोनालड इल्स ने बताया है कि यह वेरिएंट संक्रमित प्राणी की श्वास नली को प्रभावित करता है। एक शोध में तो यह तथ्य भी सामने आया है कि फेंफड़ों में कुल ओमिक्रोन संक्रमण मात्रा का दसवां भाग उपस्थित था ।इस तरह अन्य वेरिएंट की तुलना में फेफड़ों में संक्रमण बहुत कम पाया गया है।
दक्षिण अफ्रीका में आया था सबसे पहला मामला
ध्यान देने वाली बात यह है कि इससे पूर्व होने वाले अन्य कई शोधों में भी कहा गया था कि ओमिक्रोन कोरोना वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट की तुलना में उतना क्षतिकारक नहीं है और इस बात के पुख्ता सबूत भी हैं। ओमिक्रोन की जानकारी सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना में नवंबर माह के अंत में हुई थी और धीरे धीरे यह पूरे दक्षिण अफ्रीका में फैल गया । वहां दिसंबर महीने के मध्य तक इसके प्रतिदिन 26,000 मामले दर्ज किए गए थे।
१०० देश ओमिक्रोन से प्रभावित हैं
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक ये वायरस इस समय संसार के 100 से अधिक देशों में उपस्थित है और यह उन लोगों को भी संक्रमित कर सकता है जिन लोगों को कोरोना की दोनों वैक्सीन खुराक लग चुकी हैं या पहले कोरोना से प्रभावित होकर ठीक हो गये थे। यह भी पाया गया है कि इसके संक्रमण से लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता अधिक नहीं देखी गई है परन्तु फिर भी लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई ह। भारत में इस समय ओमिक्रोन के मामले बढ़कर कुल 1,431 हो गए हैं।
भारत में कोरोना के पूर्व होने वाले प्रभावों को देखते हुए अभी से सावधानी बरतना शुरू कर दिया है। अधिकतर राज्यों ने रात का कर्फ्यू लगा दिया है। स्कूलों को बंद कर दिया है और मांस्क लगाना आवश्यक कर दिया है जिससे ओमीक्रोन को फैलने से रोका जा सके।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें