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क्या सौन्दर्य के लिए प्लास्टिक सर्जरी करानी चाहिए

 प्लास्टिक सर्जरी आज के समय में एक सामान्य बात होती जा रही है, कुछ बड़े शहरों में नाक का सुधार और चहरा संवारना जैसी बातें लगभग रोजाना की प्रक्रिया बन गई हैं।  ऐसी प्रक्रियाओं के निश्चित ही कई मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक फायदा हो सकते  हैं, परंतु यह केवल तभी जब उन्हें सही से किया जाए। यदि भले ही इन प्रक्रियाओं को डाक्टर द्वारा गलत तरीके से किया जाता है, फिर भी कुछ चीजें हैं जिन्हें सर्जरी के बाद ही ध्यान में रखा जाना चाहिए, जिससे सर्जरी के बाद  चिकित्सा की आवश्यकता न पड़े।  ऐसी कुछ बातें भी हैं जिन पर ध्यान देने की जरूरत होती है इससे पहले कि किसी प्रकार की किसी आपात स्थिति के बाहर भी विचार किया जाए।  पहली बात पर विचार करना  सर्जरी के कारण होंगे।  यदि सर्जरी प्रक्रिया  क्षतिग्रस्त ऊतक की मरम्मत के लिए नहीं है और केवल सोन्दर्य के लिए है, तो प्लास्टिक सर्जन एसी प्रक्रिया करने के लिए तैयार होने से पहले रोगी को एक मनोवैज्ञानिक से बात करने के लिए सलाह देते हैं।  इसके लिए बहुत कारण हैं, जिनमें से एक गलती से किसी ऐसे व्यक्ति पर किसी की उपस्थिति को ...

क्या ओमीक्रोन अधिक घातक है

 संसार में  तेजी से फैलने वाला कोरोना का ओमिक्रोन वेरिएंट  फेफड़ों को अधिक प्रभावित नहीं कर रहा है, जिस कारण से यह कम नुकसान देह है। हाल ही में हुए शोध  से मीडिया को यह जानकारी मिली है। मीडिया की रिपोर्ट में बताया गया कि चूहों और अन्य छोटे जीवों  पर किए गए शोध से पता चला कि ओमीक्रोन वेरिएंट फेफड़ों  को कम क्षति पहुंचाता है। इसका अधिकांश प्रभाव नाक, गले तथा श्वास नली तक ही रहता है। ओमिक्रोन वेरिएंट अधिक नुकसानदेह नहीं है इससे पूर्व वाले कोरोना वेरिएंट वायरस फेफड़ों में जख्म देते थे और सांस लेने की प्रकिया को पूर्ण रूप से प्रभावित करते थे। इससे फेफड़ों की सिकुड़ने और फैलने की शक्ति नष्ट हो जाती थी। मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कहना अधिक उपयुक्त होगा कि ओमिक्रोन वेरिएंट से ऊपरी श्वसन प्रणाली में इंफेक्शन हो रहा है और पूर्व के वेरिएंट के मुकाबले में यह कम क्षतिकारक है।  जीव वेज्ञानिक रोनालड इल्स  ने बताया है कि यह वेरिएंट संक्रमित प्राणी की श्वास नली को प्रभावित करता है। एक शोध में तो  यह तथ्य भी सामने आया है कि फेंफड़ों में कुल ओमिक्रो...

शरीर को बीमारियों से कैसे बचाएं। how to save body from disease

           कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन को लेकर खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में हम कुछ विटामिन युक्त भोजन लेकर अपनी रोगप्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर सकते हैं। कोरोना से लड़ने और सर्दियों में खुद को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार से बचने के लिए आपकी इम्यूनिटी का मजबूत होना जरूरी है। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए आपके शरीर में विटामिन और मिनरल्स की कमी नहीं होनी चाहिए।आओ जानते हैं कोराना से लड़ने और इम्यूनिटी  को मजबूत बनाने के लिए हमारे शरीर में कौन-कौन से विटामिन होने चाहिए।  1- विटामिन-डी - शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी को पूरा करने के लिए विटामिन-डी का सेवन बहुत जरूरी है। हमको धूप से नेचुरली विटामिन डी मिलता है। डॉक्टर विटामिन डी के सप्लीमेंट्स भी देते हैं। पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी लेने से सांस संबंधी संक्रमण से बचा जा सकता है। विटामिन डी शरीर में रेस्टपीरेट्री टेक्ट इंफेक्शन या रेस्पीरेटरी मसल्स को डिस्ट्रेस होने से भी बचाता है। कोरोना में शरीर में विटामिन डी सही मात्रा में होना जरूरी है।  2- विटामिन-सी - ...