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कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने का घरेलू उपचार

 कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए पिएं घर पर बना हुआ यह जूस, जल्द ही असर देखने को मिलेगा। यदि आप प्राकृतिक तरीके से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना चाहते हैं तो अपने खाने में इस जूस को शामिल कर सकते हैं। इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होगी। सर्दियों में कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का खतरा अक्सर अधिक हो जाता है और अधिक बढे हुए कोलेस्ट्रॉल का हृदय पर सीधा असर पड़ता है। इसलिए बढ़े कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए इस जूस का सेवन करना लाभकारी रहता है। खराब जीवन शैली और खानपान का असर सीधे हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। वहीं हृदय संबंधी रोग का कारण अधिकतर कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना होता हैं। यदि रक्त में कोलेस्ट्रॉल स्तर बढ़ जाएगा तो आपको ब्रेन स्ट्रोक, हृदयाघात आदि कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।  इसलिए आवश्यक है कि समय रहते इसे नियंत्रण में रखा जाए। क्या होता है कोलेस्ट्रॉल  शरीर में दो प्रकार के कोलेस्ट्रॉल होते हैं। पहला गुड कोलेस्ट्रॉल या एच डी एल और दूसरा बैड कोलेस्ट्रॉल या एल डी एल। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल रक्त धमनियों में जमा हो जाता है और रक्त प्रवाह में बाधा उत्पन्न कर हृदय...

क्या ओमीक्रोन अधिक घातक है

 संसार में  तेजी से फैलने वाला कोरोना का ओमिक्रोन वेरिएंट  फेफड़ों को अधिक प्रभावित नहीं कर रहा है, जिस कारण से यह कम नुकसान देह है। हाल ही में हुए शोध  से मीडिया को यह जानकारी मिली है। मीडिया की रिपोर्ट में बताया गया कि चूहों और अन्य छोटे जीवों  पर किए गए शोध से पता चला कि ओमीक्रोन वेरिएंट फेफड़ों  को कम क्षति पहुंचाता है। इसका अधिकांश प्रभाव नाक, गले तथा श्वास नली तक ही रहता है। ओमिक्रोन वेरिएंट अधिक नुकसानदेह नहीं है इससे पूर्व वाले कोरोना वेरिएंट वायरस फेफड़ों में जख्म देते थे और सांस लेने की प्रकिया को पूर्ण रूप से प्रभावित करते थे। इससे फेफड़ों की सिकुड़ने और फैलने की शक्ति नष्ट हो जाती थी। मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कहना अधिक उपयुक्त होगा कि ओमिक्रोन वेरिएंट से ऊपरी श्वसन प्रणाली में इंफेक्शन हो रहा है और पूर्व के वेरिएंट के मुकाबले में यह कम क्षतिकारक है।  जीव वेज्ञानिक रोनालड इल्स  ने बताया है कि यह वेरिएंट संक्रमित प्राणी की श्वास नली को प्रभावित करता है। एक शोध में तो  यह तथ्य भी सामने आया है कि फेंफड़ों में कुल ओमिक्रो...

विटामिन डी शरीर के लिए कितना आवश्यक है। how much nessesary vitamin D for body

          शरीर के लिए हर विटामिन जरूरी है. लेकिन विटामिन डी का महत्व अलग है. क्योंकि, विटामिन-डी की कमी के कारण कई सारी समस्याएं होने लगती हैं. इस विटामिन की कमी हड्डियों को कमजोर बनाने लगती है, तो पुरुषों को गंजा बना देती है. वहीं, शरीर बार-बार बीमार पड़ने लगता है. आइए जानते हैं कि शरीर में विटामिन डी की कमी कैसे पूरी कर सकते हैं और इसके लक्षण क्या हैं।   विटामिन-डी की कमी के लक्षण  शरीर में विटामिन डी की कमी के कारण निम्नलिखित लक्षण दिखने लगते हैं. जैसे- हड्डियों की डेंसिटी घटने लगती है और उनमें गड्ढे होने लगते हैं पुरुषों व महिलाओं में बाल उड़ने लगते हैं, जिसके कारण गंजापन आता है बार-बार बैक्टीरियल व वायरल इंफेक्शन हो जाता है थकान और कमजोरी आने लगती है हड्डियों व कमर में दर्द होने लगता है डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं घाव व जख्म जल्दी ठीक नहीं होते मसल्स दर्द करने लगती हैं वजन बढ़ने लगता है एंग्जायटी होने लगती है, आदि  विटामिन-डी की कमी को पूरा करने वाले फूड विटामिन डी को प्राप्त करने का सबसे बढ़िया तरीका सुबह और शाम के समय धूप लेना है. लेकिन, ...