क्या मधुमेह रोगियों को गुड़ का सेवन करना चाहिए। Should diabetic patients eat cansugar
मधुमेह एक पाचनतंत्र विनियम है। यह शरीर में इंसुलिन की कमी के कारण होती है। जब शरीर में अनियमित रूप से रक्त शर्करा स्तर बढ़ता है तो वह शरीर के लिए घातक भी हो सकता है। आज पूरी दुनिया में लगभग 40 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज की के रोग से ग्रस्त हैं। भारत में भी मधुमेह के रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इसलिए रक्त शर्करा के बढ़ते स्तर से ग्रस्त प्रत्येक व्यक्ति इससे छुटकारा पाना चाह रहा है।
मधुमेह के रोगियों को सोच-समझकर ही खाने पीने की चीजों को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए क्योंकि, गलत भोजन करने से शरीर में रक्त शर्करा स्तर के बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। जिससे कई प्रकार की परेशानियां हो सकती हैं। मधुमेह के रोगी चीनी के स्थान पर गुड़ का सेवन कर सकते है। तो जानते हैं कि डायबिटीज के रोगियों को क्या गुड़ खाना चाहिए या नहीं-
पोष्टिक है गुड़:
स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह मानते है कि गन्ने से चीनी बनाने की प्रक्रिया में गन्ने में मौजूद सभी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। वहीं, गुड़ बनाने की विधि में उसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व नष्ट नहीं होते हैं। इसलिए गुड़ में कैल्शियम, आयरन, जिंक, मैग्नीशियम, पोटैशियम, कॉपर और फॉस्फोरस जैसे कई पोषक तत्व उपस्थित रहते हैं। फिर भी मधुमेह के रोगियों के लिए गुड़ का अधिक सेवन उपयुक्त नहीं है।
गुड़ में सुक्रोस होता है:
गुड़ में भरपूर पोषक तत्व होते है, गुड़ में लगभग 65 से 85 प्रतिशत तक सुक्रोज की मात्रा होती है। मधुमेह के रोगियों को कम शर्करा वाले भोज्य पदार्थ खाने की सलाह दी जाती है। इसलिए गुड़ का अधिक सेवन मधुमेह रोगियों के लिए घातक हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि मधुमेह रोगियों का मीठा खाने का मन करता है तो थोडी मात्रा में 1 से 2 चम्मच गुड़ का सेवन करना ही इन मरीजों के लिए उचित है।
आयुर्वेद में भी गुड़ का जिक्र है:
आयुर्वेद में भी यही वर्णन है कि मधुमेह के रोगियों को गुड़ का सेवन नहीं करना चाहिए। परन्तु फेफड़ों के इंफेक्शन,गला खराब होने, माइग्रेन और अस्थमा के उपचार में आयुर्वेद गुड़ का प्रयोग करने की सिफारिश करता है।
गुड़ के स्थान पर शहद लें सकते हैं:
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि पोषक तत्वों से भरपूर होने के बावजूद भी मधुमेह रोगियों को गुड़ के बजाए अच्छे शहद का सेवन करना चाहिए। मधुमेह के ज्यादातर रोगी यह समझते है कि चीनी की जगह गुड़ खाना सुरक्षित है परन्तु यह बात सच नहीं है। उन लोगों के लिए गुड़ चीनी का विकल्प हो सकता है जो मधुमेह से ग्रस्त नहीं है
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