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क्या अंडा खाकर वजन कम किया जा सकता है

  वजन कम कर सकता है अंडों का सेवन -अंडे के साथ इन 3 चीजों का करें उपयोग, एक सप्ताह में कम हो जाएगा वजन। वजन कम करने वाला अंडों का भोजन: स्वस्थ रहने के लिए रोज  अंडा खाने की सलाह दी जाती है, इससे हेल्थ अच्छी रहती है और आवश्यक विटामिन की कमी पूरी होती है। वजन कम के लिए अंडे में ये 3 चीजें मिलाकर खाने से शीघ्र ही लाभ होगा। अंडा के लाभ अंडा की डाइट से कैसे वजन कम करें: मोटापा ऐसी समस्या हो जो शरीर में कई रोगो को जन्म देती है। मोटापे के कारण से शरीर में कई बीमारियां पैदा हो जाती हैं.। वजन बढ़ने से डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। अगर मोटापे से परेशान है और वजन घटाने के लिए रोजाना अंडा खाते हैं तो आपको अंडा खाने का सही तरीका जान लेना चाहिए।  ऐसी कई चीजें हैं जिन्हें अंडे में मिलाकर खाने से तेजी से वजन कम होता है।  अंडा खाने से वजन कैसे कम होता है? अंडा एक सुपरफूड है जो प्रोटीन, विटामिन और ओमेगा-3 जैसे हेल्दी फैट से भरपूर है। वजन घटाने के लिए  नाश्ते में रोज अंडे जरूर खाने चाहिए। इससे शरीर को जरूरी प्रोटीन मिलता है। अंडा...

इनसे भी गुर्दे में पथरी बन सकती है

इन सब्जियों के बीज किडनी में पथरी बना सकते है पथरी! इनका सेवन पहले से मौजूद पथरी का साइज़ बढ़ा सकता है। कुछ सब्जियां ऐसी हैं, उनसे आपको पथरी हो सकती है। आइए आपको बताते हैं ऐसी सब्जियों के बारे में, जिनका सेवन आपक गुर्दे में पथरी बना सकती है। सब्जियों के बीज से गुर्दे में बनने लगती है पथरी! Vegetables to avoid in kidney stone : यूं तो हमारे शरीर में हर एक अंग बहुत ही जरूरी है लेकिन कुछ अंग पूरे शरीर के काम करने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। इसलिए जरूरी है कि अपनी किडनी की सेहत का ख्याल रखा जाए। आपने सुना होगा कि गुर्दे की पथरी एक बहुत आम समस्या बन गई है, जिसके पीछे की सबसे बड़ा कारण है आपका खान-पान। आपके द्वारा खाए जाने वाले फूड्स ही आपको पथरी देते हैं। दरअसल आप जो सब्जियां खाते हैं, उनसे भी आपको पथरी हो सकती है। आइए आपको बताते हैं ऐसी सब्जियों के बारे में, जिनका सेवन आपको गुर्दे की पथरी । 1-पालक अगर आपको पहले से ही पथरी की परेशानी है तो भूलकर भी पालक का सेवन न करें क्योंकि ये आपकी परेशानी को और बढ़ा सकता है। दरअसल पालक में मौजूद ऑक्सालिक एसिड की प्रचुर मात्रा का अधिक सेवन शर...

क्या विटामिन B-12 की अधिक मात्रा का सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है

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 विटामिन B-12 की अधिक मात्रा का सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है जानें इससे बचाव के लिए क्या करें? विटामिन बी-१२ हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा होने पर हमको कुछ नुकसानदायक प्रभाव भी दिखा सकता ये तो आप सभी जानते हैं कि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए हर तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है, जिसकी मदद से हम लंबे समय तक खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। ऐसे ही विटामिन बी-12 है जो हमे शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ हमारी स्किन को भी  स्वस्थ रखने में सहायक होता है। लेकिन किसी भी तत्व की शरीर में अधिकता भी  नुकसानदायक है। ऐसे ही शरीर में विटामिन बी-12 की ज्यादा मात्रा के कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है जिसके कारण आपको काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है। हालांकि विटामिन बी-12 एक घुलनशील तत्व है जो आसानी से अवशोषित हो जाता है लेकिन कई बार ये शरीर में ज्यादा भी हो सकता है। अब आपका सवाल होगा कि विटामिन बी-12 के अधिक होने पर क्या नुकसान हो सकते हैं तो  आपको इस लेख में इसका जवाब आगे मिल जाएगा। तो आइए इस लेख के जरिए ये जानन...

गर्म पानी पीने के लाभ

 गर्म पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है? जानें हाई कोलेस्ट्रॉल में इसे पीने का सही तरीका और फायदे गर्म पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है : कोलेस्ट्रॉल बढ़ना दिल की बीमारी सहित कई समस्याओं का कारण बन सकता है। ऐसे में गर्म पानी जैसी छोटी-छोटी चीजों की मदद, क्या इसे कम कर सकता है। जानते हैं। कोलेस्ट्रॉल कम करने के तरीके : कोलेस्ट्रॉल बढ़ना शरीर की कई समस्याओं का कारण बनता है। दरअसल, जब शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल  जमा होने लगता है तो ये ब्लड वेसेल्स की दीवारों पर मोल्यूकुल्स बना कर चिपकने लगता है। ऐसे में ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करता है और हाई बीपी, स्ट्रोक और कार्डिक अरेस्ट का खतरा पैदा करता है। ऐसे में जरूरी है कि हम शुरुआत से ही अपना कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रखने की कोशिश करें। जिसके लिए हम अपनी लाइफस्टाइल में कुछ चीजों को शामिल कर सकते हैं। जैसे कि गर्म पानी पीना गर्म पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है- गर्म पानी पीने के फायदे कई हैं। ये असल में एक आसान तरीका है ब्लड वेसेल्स का साफ करने का। ये हम नहीं बल्कि कई आयुर्वेदिक चिकित्सकों का कहना है। दरअसल, उनके अनुसार आयुर्वेद कहत...

अजवाइन और कलौंजी के फायदे

 अजवाइन और कलौंजी का एक साथ सेवन करने से मिलेंगे ये 5 लाभ, जानें सेवन के तरीके  अजवाइन और कलौंजी का सेवन करने से आपकी कई समस्याएं दूर हो सकती हैं। इन्हें कई तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है।  अजवाइन और कलौंजी का सेवन अधिकतर भारतीय द्वारा किया जाता है। अजवाइन और कलौंजी का उपयोग खाने को पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाने के लिए किया जाता है। वहीं कुछ लोग इन दोनों का इस्तेमाल अपनी बीमारियों को दूर करने के लिए भी करते हैं। अजवाइन और कलौंजी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। आप इनका सेवन न सिर्फ खाना बनाने के लिए, बल्कि अपनी कुछ बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए भी कर सकते हैं। तो चलिए विस्तार से जानें अजवाइन और कलौंजी को एक साथ लेने से क्या-क्या फायदे  मिल सकते हैं। अजवाइन में पोषक तत्व अजवाइन पोषक तत्वों से भरपूर होता है। अजवाइन में फाइबर, पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन और फैटी एसिड पाया जाता है। इसके अलावा अजवाइन में कुछ मात्रा में प्रोटीन और कैलोरी भी पाई जाती है। आप अपनी कुछ स्वास्थ्य समस्याओं को अजवाइन से ठीक कर सकते हैं। कलौंजी में पोषक तत्व- अजवाइन की तरह ही कलौंजी में भी पोषक तत्...

कोलेस्ट्रॉल स्तर को कम करने का रामबाण उपाय

 हृदयाघात का सबसे बड़ा कारण होता है शरीर में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण हृदय संबंधी कई रोग हो सकते है। बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के कारण हर साल काफी लोग अपनी जीवन खो  देते हैं। इसलिए जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल स्तर बढ़ गया हो, उनको लापरवाही नहीं करनी चाहिए। उनको अपने भोजन में ऐसे चीजों को शामिल करना चाहिए जिससे कोलेस्ट्रॉल स्तर नियंत्रित में आ सकें। जानते हैं कोलेस्ट्रॉल स्तर को कैसे कम कर सकते है। बढ़े कोलेस्ट्रॉल के लक्षण सांस फूलना थकान महसूस होना चक्कर आना अचानक से वजन बढ़ना हाथों पैरों का सुन्न होना कोलेस्ट्रॉल कम करने का रामबाण उपाय लहसुन का सेवन यदि शरीर में कोलेस्ट्रॉल स्तर बढ़ गया हो, तो उसके लिए लहसुन का सेवन लाभदायक सिद्ध होता है। प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक दो कली लहसुन का सेवन करने से बुरे कोलेस्ट्रॉल अर्थात एल डी एल की मात्रा कम होती है और गुड कोलेस्ट्रॉल अर्थात एच डी एल की मात्रा बढ़ती है। लहसुन कोलेस्ट्रॉल स्तर को आसानी से नियंत्रित करता है। मेथी का पानी  मेथी का पानी भी कोलेस्ट्रॉल स्तर को तेजी से कम करता है। मेथी में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं ...

कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने का घरेलू उपचार

 कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए पिएं घर पर बना हुआ यह जूस, जल्द ही असर देखने को मिलेगा। यदि आप प्राकृतिक तरीके से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना चाहते हैं तो अपने खाने में इस जूस को शामिल कर सकते हैं। इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होगी। सर्दियों में कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का खतरा अक्सर अधिक हो जाता है और अधिक बढे हुए कोलेस्ट्रॉल का हृदय पर सीधा असर पड़ता है। इसलिए बढ़े कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए इस जूस का सेवन करना लाभकारी रहता है। खराब जीवन शैली और खानपान का असर सीधे हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। वहीं हृदय संबंधी रोग का कारण अधिकतर कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना होता हैं। यदि रक्त में कोलेस्ट्रॉल स्तर बढ़ जाएगा तो आपको ब्रेन स्ट्रोक, हृदयाघात आदि कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।  इसलिए आवश्यक है कि समय रहते इसे नियंत्रण में रखा जाए। क्या होता है कोलेस्ट्रॉल  शरीर में दो प्रकार के कोलेस्ट्रॉल होते हैं। पहला गुड कोलेस्ट्रॉल या एच डी एल और दूसरा बैड कोलेस्ट्रॉल या एल डी एल। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल रक्त धमनियों में जमा हो जाता है और रक्त प्रवाह में बाधा उत्पन्न कर हृदय...

क्या मधुमेह रोगियों को गुड़ का सेवन करना चाहिए। Should diabetic patients eat cansugar

 मधुमेह एक पाचनतंत्र विनियम है। यह शरीर में इंसुलिन की कमी के कारण होती है। जब शरीर में अनियमित रूप से रक्त शर्करा स्तर  बढ़ता है तो वह शरीर के लिए घातक भी हो सकता है। आज पूरी दुनिया  में  लगभग 40 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज की के रोग से ग्रस्त हैं। भारत में भी मधुमेह के रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इसलिए रक्त शर्करा के बढ़ते स्तर से ग्रस्त प्रत्येक व्यक्ति इससे छुटकारा पाना चाह रहा है। मधुमेह के रोगियों को सोच-समझकर ही खाने पीने की चीजों को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए क्योंकि, गलत भोजन करने से शरीर में रक्त शर्करा स्तर के बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। जिससे कई प्रकार की परेशानियां हो सकती हैं। मधुमेह के रोगी चीनी के स्थान पर गुड़ का सेवन कर सकते है। तो जानते हैं कि डायबिटीज के रोगियों को क्या गुड़ खाना चाहिए या नहीं- पोष्टिक  है गुड़: स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह मानते है कि गन्ने से चीनी बनाने की प्रक्रिया में गन्ने में मौजूद सभी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। वहीं, गुड़ बनाने की विधि में उसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व नष्ट नहीं होते हैं। इसलिए गुड़ में कैल्शियम,...

डायबिटीज क्या है और रक्त शर्करा स्तर कितना हो

 ग्लूकोज शरीर को शक्ति देने का अच्छा स्रोत है परन्तु जब यही ग्लूकोज ख़ून जाने लगता है तो इसे डायबिटीज की बीमारी कहते हैं। डायबिटीज स्वयं में कोई बीमारी नहीं है बल्कि बीमारियों का कारण है। यह शरीर में दीमक का काम करती है। क्योंकि इससे हृदय आघात, किडनी फेल, ब्रेन स्ट्रोक और कई अंगों का एक साथ फेल होने जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में शर्करा स्तर को व्यक्ति की आदत प्रभावित करती है जैसे व्यक्ति की उम्र, खाना और तनाव । शरीर के रक्त में शर्करा स्तर का घटना-बढ़ना दोनों ही घातक होते है, ऐसी स्थिति में सामान्य रक्त शर्करा स्तर क्या है ये जानना बहुत आवश्यक है। जानते हैं कि आयु के अनुसार रक्त शर्करा कितना  होना चाहिए।   भूखा पेट की स्थिति में जब शरीर भूखा पेट की स्थिति में हो तो रक्त शर्करा स्तर 70-100 mg/dl के मध्य होना ‌‌‌‌‌सामान्य माना जाता है। यदि ऐसी स्थिति रक्त शर्करा स्तर  100-126 mg/dl के मध्य हो जाता है तो यह प्री-डायबिटीज की श्रेणी होती है। हालांकि, परन्तु यह स्तर 130 mg/dl या  उससे अधिक हो जाए तो खतरनाक माना जाता है। डायबिटीज दो प्रकार की होत...

कोरोना से कैसे बचें।how to save from COVID

 कोरोना के ओमिक्रोन वेरिएंट के मामलों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा हैं। लोगों में एक बार फिर कोरोना का डर पैदा होने लगा है। ऐसे में लोगों में ये जानने की रुचि भी बढ़ गई है कि कोरोना से स्वयं को कैसे  बचाया और सुरक्षित रखा जा सकता है?सोसल मीडिया पर और समाचारों में भी इससे बचाव के कई तरीके बताए जा रहे हैं। जो आपको कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने में मदद करेंगे। जानते हैं वे क्या है 1 - खुद को रखें आइसोलेट-  अगर आप कहीं बाहर से घर में आए हैं और सर्दी-जुकाम के लक्षण दिखाई देते हैं तो स्वयं को दूसरे लोगों से दूर अकेले में करके रखें। इस प्रकार आप दूसरे लोगों में संक्रमण फैलने से रोक सकते हैं।  2 - बच्चों को रखें सुरक्षित-  जैसा कि काफी समय से कहा जा रहा है कि तीसरी लहर में बच्चों को कोरोना सबसे अधिक प्रभावित कर सकता है। इसलिए यदि बच्चे स्कूल जा रहे हैं तो उन्हें पूरी सुरक्षा के साथ स्कूल भेजें। बच्चों को मास्क लगाने, हाथ धोने और शेनेटाइजर इस्तेमाल करने के बारे में बताएं बच्चों को अपनी कोई भी चीज दूसरों से शेयर न करने के लिए बताएं। 3- ऑफिस में बरतें सावधानी-  ...

क्या सौन्दर्य के लिए प्लास्टिक सर्जरी करानी चाहिए

 प्लास्टिक सर्जरी आज के समय में एक सामान्य बात होती जा रही है, कुछ बड़े शहरों में नाक का सुधार और चहरा संवारना जैसी बातें लगभग रोजाना की प्रक्रिया बन गई हैं।  ऐसी प्रक्रियाओं के निश्चित ही कई मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक फायदा हो सकते  हैं, परंतु यह केवल तभी जब उन्हें सही से किया जाए। यदि भले ही इन प्रक्रियाओं को डाक्टर द्वारा गलत तरीके से किया जाता है, फिर भी कुछ चीजें हैं जिन्हें सर्जरी के बाद ही ध्यान में रखा जाना चाहिए, जिससे सर्जरी के बाद  चिकित्सा की आवश्यकता न पड़े।  ऐसी कुछ बातें भी हैं जिन पर ध्यान देने की जरूरत होती है इससे पहले कि किसी प्रकार की किसी आपात स्थिति के बाहर भी विचार किया जाए।  पहली बात पर विचार करना  सर्जरी के कारण होंगे।  यदि सर्जरी प्रक्रिया  क्षतिग्रस्त ऊतक की मरम्मत के लिए नहीं है और केवल सोन्दर्य के लिए है, तो प्लास्टिक सर्जन एसी प्रक्रिया करने के लिए तैयार होने से पहले रोगी को एक मनोवैज्ञानिक से बात करने के लिए सलाह देते हैं।  इसके लिए बहुत कारण हैं, जिनमें से एक गलती से किसी ऐसे व्यक्ति पर किसी की उपस्थिति को ...

सिर के दर्द को कैसे ठीक करें

 माइग्रेन की समस्या पिछले कुछ समय में तेजी से निकल कर सामने आई है। माइग्रेन  में सिर में बहुत तेज दर्द होता है। कभी कभी ये दर्द तेज उजाला के कारण से होता है तो कभी शोर या किसी विशेष प्रकार की खुशबू से भी हो सकता है। माइग्रेन सिर के आधे भाग को प्रभावित करता है। हालांकि, इस बीमारी को भी घरेलू उपचार से बहुत सीमा तक ठीक किया जा सकता है। आधा सिर दर्द का घरेलू उपचार गुड़ और दूध का सेवन  सिर के दर्द में गुड़ के साथ दूध पीना सटीक उपाय है। रोज सुबह उठने के बाद खाली पेट गुड़ का छोटा टुकड़ा मुंह में रख लें और उसके ऊपर से ठंडा दूध पी लें। नियमित रूप से इसका सेवन करने से सिर के दर्द की समस्या से निजात पाया जा सकता है। अदरक का उपयोग अदरक में ऐसे कई गुण पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक होते हैं। पाचन से लेकर माइग्रेन तक की समस्या में अदरक का सेवन करना काफी उपयोगी होता है। माइग्रेन के कारण से होने वाले सिरदर्द के समय अदरक का एक छोटा सा टुकड़ा दांतों के बीच दबा लें और उसे चूसते रहें। एक रिसर्च में भी यह पाया गया है कि अदरक सिर के दर्द को कम करने में बहुत फायदा करता है। लौंग ...

क्या ओमीक्रोन अधिक घातक है

 संसार में  तेजी से फैलने वाला कोरोना का ओमिक्रोन वेरिएंट  फेफड़ों को अधिक प्रभावित नहीं कर रहा है, जिस कारण से यह कम नुकसान देह है। हाल ही में हुए शोध  से मीडिया को यह जानकारी मिली है। मीडिया की रिपोर्ट में बताया गया कि चूहों और अन्य छोटे जीवों  पर किए गए शोध से पता चला कि ओमीक्रोन वेरिएंट फेफड़ों  को कम क्षति पहुंचाता है। इसका अधिकांश प्रभाव नाक, गले तथा श्वास नली तक ही रहता है। ओमिक्रोन वेरिएंट अधिक नुकसानदेह नहीं है इससे पूर्व वाले कोरोना वेरिएंट वायरस फेफड़ों में जख्म देते थे और सांस लेने की प्रकिया को पूर्ण रूप से प्रभावित करते थे। इससे फेफड़ों की सिकुड़ने और फैलने की शक्ति नष्ट हो जाती थी। मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कहना अधिक उपयुक्त होगा कि ओमिक्रोन वेरिएंट से ऊपरी श्वसन प्रणाली में इंफेक्शन हो रहा है और पूर्व के वेरिएंट के मुकाबले में यह कम क्षतिकारक है।  जीव वेज्ञानिक रोनालड इल्स  ने बताया है कि यह वेरिएंट संक्रमित प्राणी की श्वास नली को प्रभावित करता है। एक शोध में तो  यह तथ्य भी सामने आया है कि फेंफड़ों में कुल ओमिक्रो...

विटामिन बी 6 की शरीर को आवश्यकता और उसके स्रोत

 शरीर को यदि पोषक तत्व  सही से मिलते रहे तो शरीर हमेशा स्वस्थ बना रहेगा। यद्यपि ऐसा होता नहीं है। भागदौड़ की जिंदगी में हमारी जीवन शैली बुरी तरह से प्रभावित  है जिसके कारण अक्सर हमारे शरीर में किसी न किसी पोषक तत्वों की कमी होती रहती है। विटामिन बी कॉम्पलेक्स शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। विटामिन बी कॉम्पलेक्स में बी 6 शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रमुख विटामिन है। विटामिन बी 6 को पाइरोडॉक्सिन  भी कहते हैं ‌।        विटामिन बी ६ दिमाग और इम्यूनिटी का पोषण करने में मदद करता है। यह शरीर को कई तरह के रोगो से बचाता है। एक अध्ययन में यह भी पाया गया है कि विटामिन बी 6 की पर्याप्त मात्रा कैंसर के खतरा भी को कई गुना कम कर देती है।   विटामिन बी 6 से शरीर में होने वाले लाभ क्या हैं- १.कैंसर खतरा को कम करता है       खून में विटामिन बी 6 की सही मात्रा होने से कैंसर का खतरा बहुत कम हो जाता है। विटामिन बी 6 एंटी इंफ्लामेटरी होता है, इसलिए यह कैंसर के कई प्रकारों से शरीर की रक्षा करता है। 2.हार्ट को स्वस्थ रखता है    म...

शरीर को बीमारियों से कैसे बचाएं। how to save body from disease

           कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन को लेकर खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में हम कुछ विटामिन युक्त भोजन लेकर अपनी रोगप्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर सकते हैं। कोरोना से लड़ने और सर्दियों में खुद को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार से बचने के लिए आपकी इम्यूनिटी का मजबूत होना जरूरी है। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए आपके शरीर में विटामिन और मिनरल्स की कमी नहीं होनी चाहिए।आओ जानते हैं कोराना से लड़ने और इम्यूनिटी  को मजबूत बनाने के लिए हमारे शरीर में कौन-कौन से विटामिन होने चाहिए।  1- विटामिन-डी - शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी को पूरा करने के लिए विटामिन-डी का सेवन बहुत जरूरी है। हमको धूप से नेचुरली विटामिन डी मिलता है। डॉक्टर विटामिन डी के सप्लीमेंट्स भी देते हैं। पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी लेने से सांस संबंधी संक्रमण से बचा जा सकता है। विटामिन डी शरीर में रेस्टपीरेट्री टेक्ट इंफेक्शन या रेस्पीरेटरी मसल्स को डिस्ट्रेस होने से भी बचाता है। कोरोना में शरीर में विटामिन डी सही मात्रा में होना जरूरी है।  2- विटामिन-सी - ...